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राजीव रंजन : मैथिलि म्यूजिक उद्योगक नव उद्धारक | Liveabhinash

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 राजीव रंजन : मैथिलि म्यूजिक उद्योगक नव उद्धारक  | Liveabhinash           Ankit Kumar Roy : राजीव रंजन हालहि मे अपन नवीनतम हिट गीत "एबई जे गोरी हमर मिथिला मे" स संगीत जगत म सनसनी बनि गेल छथि। ई युवा गायक अपन सुमधुर आवाज आ आत्मानुभूति भरल गीत सँ सम्पूर्ण मिथिला क्षेत्रक हृदय पर कब्जा कएने छथि । राजीव रंजन भारतक बिहारक मिथिला क्षेत्रक रहय वला छथिन्ह जे अपन समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर आओर पारंपरिक मधुबनी पेंटिंग के लेल प्रसिद्ध अछि | एहि जीवंत क्षेत्र मे पलल-बढ़ल राजीव स्थानीय लोक संगीत आ नृत्य रूप स परिचित छलाह, जेकर गहींर प्रभाव हुनकर संगीत यात्रा पर पड़ल । लोकक अनुसार बचपन मे राजीव संगीत दिस आकर्षित होइत छलाह आ प्रायः स्थानीय सांस्कृतिक आयोजन आ प्रतियोगिता मे भाग लैत छलाह । हुनकर मेहनत आ दृढ़ताक फल आखिरकार तखन भेटल जखन ओ अपन नवीनतम गीत "एबई जे गोरी हमर मिथिला में" रिलीज केलनि। मिथिला क्षेत्रक समृद्ध सांस्कृतिक धरोहरक श्रद्धांजलि देबय वला ई गीत स्थानीय लोकक एकटा तार ठोकि देलक अछि, जे एकरा तन-मन-धन सं अपना लेलक अछि |  अपन नवीनतम हिट ...

अन्य भारतीय भाषा सब पर हिन्दी थोपनाय बंद करू | Liveabhinash

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अन्य भारतीय भाषा सब पर हिन्दी थोपनाय बंद करू | Liveabhinash            Ankit Kumar Roy : भारत एकटा विविध देश अछि जेकर आपन एगो  समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर छैक आरू ई विविधता देश भर म बोललऽ जाय वला भाषाक विस्तृत श्रृंखला म परिलक्षित होएत अछि | हिन्दी भारतक राजभाषा म स एकटा छैक मुदा अन्य क्षेत्रीय भाषा प एकरा थोपनाय बहुत साल स बहस आरू चर्चाक विषय रहलऽ छैक | हिन्दी थोपबाक मुद्दा तखन उठैत अछि जखन स्कूल, सरकारी कार्यालय, आ सार्वजनिक स्थान पर हिन्दी अनिवार्य कयल जाइत अछि, ओहो ओहि क्षेत्र मे जतय ई प्राथमिक भाषा नहि अछि | एकरा अन्य क्षेत्रीय भाषाक हशिया पर राखि भारत में हिन्दीक प्रबल भाषाक रूप म थोपबाक प्रयासक रूप मे देखल जा सकैत अछि |  हिन्दी थोपलाक पक्ष म एकटा मुख्य तर्क ई थिक जे ई राष्ट्रीय एकीकरण आरू एकताक बढ़ावा दै म मदद करी सकैत छैक | हिन्दीक समर्थक के तर्क छैन जे ई एगो साझा भाषा छैक जेकरऽ उपयोग अलग अलग क्षेत्रऽक बीच भाषाई विभाजनक दूर करै लेल आरू राष्ट्रीय पहचानक भाव पैदा करैम मदद करै लेल करलऽ जा सकैत छैक | मुदा ई तर्क ई तथ्यक अन...

संगीत भाइलोग : मैथिली संगीत उद्योग मे सफलताक अपन रास्ता बनेनिहार युवा गायकगण |

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संगीत भाइलोग : मैथिली संगीत उद्योग मे सफलताक अपन रास्ता बनेनिहार युवा गायकगण |           Ankit Kumar Roy : मैथिली संगीत पारंपरिक लोक संगीतक एक रूप अछि जे वर्तमान बिहार आ नेपालक मिथिला क्षेत्र मे उत्पन्न भेल | ई संगीतक समृद्ध आ विविध रूप अछि जे पीढ़ी दर पीढ़ी चलैत आबि रहल अछि । वर्षों मे मैथिली संगीतक विकास आ आधुनिकीकरण भेल अछि । मैथिली संगीत मे एकटा महत्वपूर्ण विकास भेल अछि नव पीढ़ीक युवा गायकक उदय जे अपन संगीतक अपन विशिष्ट शैलीक निर्माण केने छथि । हिनका लोकनि केँ म्यूजिकल भाइलोग कहल जाइत छनि, जकर मोटा-मोटी अनुवाद "संगीत भाइ" होइत छैक | म्यूजिकल भाइलोग मैथिली संगीत जगत मे अपन पहचान बनेनिहार युवा गायकक समूह अछि । म्यूजिकल भाइलोग मैथिली संगीत जगत मे अपन पहचान बनेनिहार युवा गायकक समूह अछि । जे संगीतक प्रति अपनऽ ताजा आरू अभिनव दृष्टिकोण लेल जानलऽ जाएत छैक जेकरा चलतें हुनका एगो बड़ऽ आरू समर्पित फॉलोइंग मिललऽ अछि | संगीत भाइलोगक जे विशिष्ट बनबैत अछि ओ अछि पारंपरिक मैथिली संगीतक आधुनिक वाद्ययंत्र आ तकनीकक संग मिला क ए...

"जैक्सन हाल्ट" - एकटा नव सुखदायक मैथिली सिनेमा जे अहाँक दिल के मोहित क लेत | Liveankit

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          Ankit Kumar Roy : "जैक्सन हाल्ट" एकटा नव मैथिली सिनेमा अछि जे हालहि मे रिलीज होयत मुदा पाहिले स ही दर्शक आ समीक्षक दुनू द्वारा एकरा बहुत प्रशंसा भेटल अछि | निर्देशक नितिन चंद्र अपन दोसर मैथिली फिल्म जंक्शन हाल्ट के शूटिंग के समापन क देलखिन्ह. मिथिला मखान के लेल राष्ट्रीय पुरस्कार जीतय वाला नितिन चंद्र के मैथिली फिल्म जंक्शन हाल्ट के शूटिंग मधुबनी में कतेको दिन सं भ रहल छल. एहि फिल्मक शूटिंग पूरा भ गेल अछि। ई फिल्म एगो सुखदायक आरू हृदयस्पर्शी कहानी भ सकैत छैक |  ई सिनेमा भारत केरऽ बिहार केरऽ सुंदर आरू मनोरम परिदृश्य म सेट छैक आरू एकरऽ प्रोडक्शन नितिन नीरा चंद्र द्वारा कल जेल छैक | एहि म आ कांति प्रकाश झा, दुर्गेश कुमार, निश्छल अभिषेक, राम बहादुर रेणु के साथ पीयूष कुमार, निभा झा, विजय, हेमेंद्र लाभ, मुन्नी, सूजीत, शिवानी झा  सहित अभिनेताक प्रतिभाशाली कास्ट अछि, जे कथा केँ जीवंत करय बला सशक्त प्रस्तुति दैत छथि । फिल्मक साउंडट्रैक एकटा आओर आकर्षण अछि, जाहि मे सुन्दर आ आत्मानुभूतिपूर्ण मैथिली संगीतक विशेषता अछि जे समग्र रूप सँ शांत आ आत्मनिरी...

सलहेश : मैथिली सिनेमा मे एकटा नव डेग | Liveankit

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            Ankit Kumar Roy : किछ दिन पाहिले नेपालक राजधानी काठमांडू में नव मैथिलि फ़िल्मक घोषणा केल गेल, जकर टाइटल "सल्हेश : द पीपुल्स हीरो" छैक | मैथिली सिनेमा में एकटा नव डेग उठबैत नव फिल्म "सलहेश" रिलीज भ रहल अछि | एहि सिनेमा के नाम सलहेश अछि जे मैथिली के प्रसिद्ध शब्द अछि | एहि फिल्मक निर्माता रामेश्वर राय आ निर्देशक राजेश झा छथि ।  एहि फिल्मक कथा मैथिली संस्कृतिक महान नायक सलहेशक जीवन कथा पर आधारित अछि । ई एगो  ऐतिहासिक फिल्म अछि जाहिम सलहेश केरऽ शौर्य आरू हुनकऽ धर्म के प्रति समर्पणक चित्रण करलऽ गेलऽ छै । एहि फिल्म म सलहेशक किरदार बॉलीवुडक सुप्रसिद्ध अभिनेता राजकुमार राव केने छथिन्ह. एहि फिल्म म राजकुमार राव अपन अभिनयक माध्यम सं सलहेशक किरदारक जीवंत केने छथिन्ह. अपन सशक्त अभिनय स सलहेशक भावना कए बढ़ा देने छथि । एकरऽ अलावा फिल्म केरऽ अन्य कलाकारऽ सेहो उत्कृष्ट प्रस्तुति देलैथ |

कन्याक जीवन | बीछल कथा | हरिमोहन झा | Liveankit

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  -"हे औ पाहुन! देखू, फेर हमरा दस पड़ल। आब अहाँक गोटी कटा गेल।" -"ए तित्तिर दाइ! कन्ना नहि करू। अहाँकें दू खुदरा पड़ल अछि।" -"नहि! दस पड़ल अछि। एकटा कौड़ी चित्त छैक से नहि सुझै अछि?" -"नहि! दू टा कौड़ी चित्त छल। अहाँ कंगनासॅं घुसका देलिऎक ताहिसॅं एकटा पट भऽ गेल। एना बेइमानी नहि करू।" -"बेइमानी त अहाँ करैत छी। हारय लगै छी त एहिना कन्ना करऽ लगै छी। जाउ, आब अहाँसॅं नहि खेलाएब।" ई पचीसीक झगड़ा चलिते छल कि धप्प दऽ गाछीमे एकटा लाल सिनुरिया आम खसलैक। तित्तिर दाइ दौड़लीह। और हमहूँ त आखिर दसे वर्षक रही। आम लूटय लेल नहि दौड़ितहुँ त फेर बाल्यावस्था कहौलकैक की? फल ई भेल जे दुनू गोटे एके बेर ओहि आम लग जा कऽ खसलहुँ। तित्तिर ओहि आमकें बकबका कऽ मुट्ठीमे धैने! और हम तित्तिरक मुट्ठीकें अपना मुट्ठीमे कसने! केओ छोड़य लेल तैयार नहि। तित्तिर बजलीह-"हे औ पाहुन! ई आम हम पौलहुँ अछि । अहाँ हमर मुट्ठी छोड़ि दियऽ, नहि त आब हम दाँते काटब से कहि दैत छी।" हम जा जबाब दिऎन्ह ता तित्तिरदाइ ततेक जोरसॅं दाँत काटि लेलन्हि जे हम किकिया उठलहुँ और बक्क दऽ हाथ छोड़ि देलिऎन्ह। त...

मैथिली अधिकार दिवसक हार्दिक बधाई क' संग शुभकामना | Liveabhinash

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          समस्त मैथिली भाषी के मैथिली अधिकार(विजय) दिवस के हार्दिक बधाई क'संग शुभकामना ।आजुये के दिन 22 दिसम्बर 2003 में भारतीय संसद द्वारा अप्पन मायक भाषा मैथिलीक संवैधानिक मान्यता प्राप्त भेल छल,मुदा हमरा आँहा के मैथिली के प्रति उदासीनता के कारण मैथिली भाषा नञि पठन-पाठन , नञि राजकाज आ नञि रोजगारपरक भाषा बनल । ज' हम आँहा अपन मातृभाषा के बचावऽ के लेल आगु नञि आयब त' ओ दिन दुर नञि जे मैथिली, मैथिल आ मिथिला मात्र इतिहास बइन क' रहि जैऽ । ताहि पर सऽ मगधीया शासन मैथिली के मिटाबऽ लेल दिन पर दिन कुचक्र रचैत रहैत अछि, एखन बिहार लोक सेवा आयोग में सऽ हटेबाक धुरफंदा में लागल अछि, मैथिली के अपभ्रंश बोली बज्जिका आ अंगिका कऽ के स्वतंत्र अकादमी बना मैथिली के छिन भिन्न कऽ रहल अछि।जागु हे मैथिल समाज। ( Credit : Balram Mishra) कोनो भी महत्वपूर्ण ‘दिवस’ वर्ष में एकैह बेर होएत छैक आ मनाओल सेहो जाएत छैक । विश्वभरि ऐहा मान्यता आ परम्परा छए । मुदा #मिथिला में एकैहटा ‘दिवस’ फरक–फरक तिथि में मनाउल जेबाक बात देखबा में आएल अछि । हमर खोजी ऐही बातक पुष्टि करति अछि । जतबे अगुवा आ संस्था, ओतबे...

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