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Showing posts from September, 2023

नृत्य के माध्यम स परंपरा के संरक्षण : झिझिया के मंत्रमुग्ध करय वला दुनिया | Advik

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परिचय उत्तर भारतक हृदयस्थली मे मैथिली भाषी क्षेत्रक जीवंत सांस्कृतिक बीच एकटा एहन नृत्य रूप विद्यमान अछि जे अपन कृपा, लय, आ परंपरा सँ आत्मा केँ मोहित करैत अछि | "झिझिया" मैथिली लोक नृत्य सदियो स एहि क्षेत्र क सांस्कृतिक धरोहर क अभिन्न अंग रहल अछि । एहि लेख मे हम झिझिया के समृद्ध इतिहास, महत्व, आ मंत्रमुग्ध करय वाला आकर्षण के खोज करैत छी |  झिझिया के उत्पत्ति झिझिया, जेकर उच्चारण "झी-झी-यह" होइत अछि, ओकर गहींर जड़ि जमा लेने ऐतिहासिक मूल अछि जे प्राचीन मैथिल संस्कृति सँ शुरू होइत अछि | एकरऽ प्रदर्शन मुख्य रूप स॑ महिला द्वारा करलऽ जाय छै, जे जीवन केरऽ सुख-दुख, आरू दैनिक दिनचर्या के सांप्रदायिक उत्सव म॑ एक साथ आबै छै । एहि नृत्य रूपक नाम मैथिली शब्द "झिझाक" सँ पड़ल अछि, जकर अर्थ होइत अछि "काँपब" वा "हिलब" | झिझिया अपन सार मे भाव आ अभिव्यक्तिक लयबद्ध, ललित कंपन थिक । रोजमर्रा के जीवन के नृत्य झिझिया मैथिल नारी के रोजमर्रा के जीवन के उत्सव अछि | एहि मे हुनका लोकनिक अस्तित्वक ​​विभिन्न चरण आ पहलू केँ सुन्दर ढंग सँ समाहित कयल गेल अछि | ई नृत्य ...

पहिचानक सार केर आत्मसात केनाय : मातृभाषाक महत्व जानू । मातृभाषा मैथिलि | Advik

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  परिचय भाषा एकटा सशक्त औजार छै जे हमरा सब के अपन संस्कृति, धरोहर, आ पहचान स जोड़ै छै। विश्व भरि मे बाजल जायवला असंख्य भाषा मे हमर मातृभाषा एकटा विशेष स्थान रखैत अछि । ई खाली संवादक साधन नहिं थिक; ई हमरऽ जड़ के प्रतीक छै आरू हमरऽ विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत के प्रतिबिंब छै । एहि लेख मे हम अपन मातृभाषाक गहींर महत्व आ हमर पहिचान केँ आकार देबा मे एकर अनिवार्य भूमिका कोना होइत छैक ताहि पर अन्वेषण करब। पहचान के सार अहाँक मातृभाषा मात्र ओहि भाषा सँ बेसी अछि जे अहाँ पहिने सीखलहुँ; ई एकटा मौलिक अंग अछि जे अहाँ के छी। ई ओ भाषा अछि जाहि मे अहाँ अपन माता-पिताक लोरी पहिल बेर सुनने रही, जाहि भाषा मे अहाँ अपन पहिल शब्द व्यक्त केने रही, आ ओ भाषा अछि जे अहाँक पूर्वजक कथा, परंपरा, बुद्धि केँ वाहक अछि। सार मे अहाँक मातृभाषा ओ पात्र अछि जे अहाँक सांस्कृतिक धरोहर केँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी ढोबैत अछि । सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण भाषा संस्कृतिक भंडार थिक। एक पीढ़ी स॑ दोसरऽ पीढ़ी म॑ चलै वला मूल्य, रीति-रिवाज, आरू परंपरा के मूर्त रूप दै छै । जखन हम सब अपन मातृभाषा बजैत छी त' खाली संवाद नहि क' रहल छी; हम ...

संग लेने चलू हमरो: मैथिली संगीत उद्योग के नव परिभाषित करय वला प्रेम गीत

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  परिचय मैथिली संगीत उद्योग मे लोक आ पारम्परिक गीतक समृद्ध धरोहर अछि जे पीढ़ी दर पीढ़ी पोसल आबि रहल अछि । ओना एक बेर-दू बेर एकटा एहन गीत उभरैत अछि जे मैथिली संस्कृतिक मर्म त' समेटैत अछि संगहि सीमा केँ सेहो पार करैत अपन श्रोताक हृदय पर अमिट छाप छोड़ैत अछि । "संग लेने चलू हमरो" एहने रोमांटिक प्रेम गीत अछि जे मैथिली संगीत जगत मे लहर त' उत्पन्न केलक अछि संगहि इंडस्ट्री मे नव जान सेहो देलक अछि । मैथिली संगीत के उत्पत्ति मैथिली संगीत बिहार आ नेपालक मैथिली भाषी लोकक परंपरा आ संस्कार मे गहींर जड़ि जमा लेने अछि । एकरऽ गीत आरू नृत्य के माध्यम स॑ कहानी कहै के एगो लंबा इतिहास छै, जेकरा म॑ अक्सर रोजमर्रा के जीवन, प्रेम, आरू अध्यात्म के सुख-दुख के झलक मिलै छै । मैथिली संगीतक विकास सदियो सँ भेल अछि, जाहि मे शास्त्रीय, लोक, आ समकालीन तत्व सहित विभिन्न प्रभावक मिश्रण अछि । "संग लेने चलु हमरो" के उदय। मैथिली संगीतक नित्य विकसित परिदृश्य मे "संग लेने चलू हमरो" एकटा गेम-चेंजर के रूप मे उभरल । ई गीत 2023 में Madhur Maithili Production आ Priya Mallik द्वारा रिलीज भेल, ज...

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Avnija Music - Maithili Music