Posts

Showing posts from September, 2022

सहरसाक गामसँ सिनेमाक रजतपटलधरि पहुँचलीह मिथिलाक बेटी संचिता यादव

Image
गामक संचिता यादवसँ फिल्मजगतक संचिता बसुधरिपछिला शुक्र दिन साउथ फिल्म इण्डस्ट्रीजक एकटा बहुप्रतीक्षित तेलुगू सिनेमा “फर्स्ट डे फर्स्ट शो” रिलीज भेल अछि आ से भारत संगहि अमेरिकाधरि धूम मचा रहल अछि। हर्षक खबरि ई जे एहि फिल्मसँ नायिकाक रूपमे डेब्यू कयलनि अछि मैथिल ललना- संचिता बसु। टिकटॉक, मौज, फेसबुक आदिपर देल अपन विडिओसँ सोशल मिडियापर सनसनी बनि उभरल संचिता मिथिलाक सहरसा जिलाक सलखुआ प्रखण्डन्तर्गत सितुआहा पंचायतक महादेव मंठ गामक रहनिहारि छथि । पिता सुरेन्द्र यादव आ माय वीणा यादवक उत्साहवर्द्धन सँ आइ संचिता बसु फिल्म जगतक एकटा मुकामधरि पहुँचबा मे सफल भ’ गेल छथि। २४ मार्च २००३ केँ सुरेन्द्र यादव आ वीणा यादवक बेटीक रूपमे जनमल संचिता नेनपनेसँ प्रतिभाशालिनी रहल छथि आ भागलपुरसँ इण्टरमीडिएट करैत सोशल मिडियापर अपन अदाकारीसँ एकटा विशाल प्रशंसकवर्ग तैयार कयलन्हि अछि। सोशल मिडियाक विभिन्न प्लेटफार्मपर मिलियनो संचिताक फैन-फालोवर छन्हि। सहरसाक रहयवला कास्टिंग निर्देशक नवनीत झाक नजरि संचिताक प्रतिभापर गेलन्हि आ नवनीतक सहयोगसँ संचिताक प्रवेश दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योगमे भेलन्हि आ सम्प्रति कैकटा सिनेमामे ...

चन्द्र-ग्रहण / खट्टर ककाक तरंग / हरिमोहन झा

Image
ओहि राति चन्द्र-ग्रहण लागल रहैक । सौंसे गामक लोक उमड़ि कऽ बड़का पोखरि में स्नान करैत छल । ओम्हर खट्टर कका अपना दलान में बैसल घूर तपैत रहथि । हम जा कऽ कहलिऎन्ह- खट्टर कका, ग्रहण स्नान नहिं करबैक । खट्टर कका बजलाह – हौ, ई पूस मास ! पाला पड़ैत ! ताहि में आधा रातिकऽ हम नहाउ गऽ ? से कि हमरा कुकुर कटने अछि ? हम कहलिऎन्ह - देखिऔक त स्नानक हेतु केहन भेड़ियाधसान मचल छैक? खट्टर कका सिहरैत बजलाह - हे नारायण ! ई सन सन बसात ! ई कनकन पानि ! कनेक छूबी त आङुर बर्फ बनि जाय ! ताहि में ई सहस्रो नर-नारी भरि छाती पानि में ठाढ छथि ! कतेको बुद्धिमान एकटंगा देने छथि । बच्चा सभ ठिठुरि रहल अछि । मर्द सभ सर्द भऽ रहल छथि । कोमलांगी सभ कठुआ रहल छथि । पुरबैया क लहरा तीतल नुआ कैं चीरि कय युवती क छाती छेदि रहल छैन्ह । वृद्धागण थरथर काँपि रहल छथि तथापि पुण्यक लोभें सभ केओ ठेल मठेला करैत आगाँ बढल जा रहल छथि । हाय रे धर्म प्राण देश ! हम पुछलिऎन्ह - खट्टर कका, अहाँ नहिंए नहैबैक ? खट्टर कका बजलाह – हौ, चन्द्रमा पर पृथ्वीक छाया पड़ल छैन्ह । किछुकाल मे, अपने हटि जैतैन्ह । ताहि खातिर हम किऎक पानि में डूबू ? सौंसे गामक संग हमहूँ ब...

भूतक मंत्र / खट्टर ककाक तरंग / हरिमोहन झा

Image
खट्टर कका भांग धो कऽ पसबैत रहथि । हमरा संग एक अपरिचित व्यक्ति कैं देखि पुछलैन्ह – हौ, ई के छथुन्ह ? यदि ककरो हाथ में कुश देखी त कुशल नहिं । हम कहलिऎन्ह - खट्टर कका, राति बथेयाबाली कैं भूत लागि गेलैन्ह। हुनके झाड़क हेतु आएल छथिन्ह । ई बड़का भरी ओझा छथि । बारह वर्ष कामाख्या रहि मंत्र सिद्ध कैने छथि । खट्टर कका कैं हॅंसी लागि गेलैन्ह । बजलाह – ई त स्वयं भूत छथि। जकरा पर चढथिन्ह तकर निस्तार नहिं । ओझा तरॅंगि कऽ बजलाह - हम कि अपना मने करहु जाइ छी । जे बजबैत अछि, तकरा ओहि ठाम जाइ छी । खट्टर कका पुछलथिन्ह – अहाँ लोक कैं एना किऎक ठकै छिऎक ? ओझा बिगड़ि कऽ कहलथिन्ह – अहाँ हमरा सॅं नहि लागू । हम मंत्र जनैत छी । मंत्र सॅं की नहिं भऽ सकैत छैक ? खट्टर कका उत्तर देलथिन्ह – बेस, त हम अहाँ कैं एकटा जोंक लगा दैत छी । अहाँ जतेक मंत्र जनैत छी से पढि कऽ ओकरा भगाउ । मुदा हाथ सॅं हटाबऽ नहिं देब । यदि कतबो ह्रीं-ख्रीं कैने ओ छोडि देबय तहम बुझब जे अहाँक मंत्र में शक्ति अछि । हम कहलिऎन्ह - खट्टर कका, ई अखडियल छथि । हटताह नहिं । खट्टर कका बजलाह - बेस ! ओहि जामून क गाछ में एकटा घोड़न क छत्ता छैक । तावत सैह उतारि कऽ ध...

प्राचीन आदर्श / खट्टर ककाक तरंग / हरिमोहन झा

Image
खट्टर कका हमरा हाथ में मोटगर पुस्तक देखि पुछलन्हि - हौ, ई की थिकैक ? हम कहलिऎन्ह - आदर्श चरितावली । खट्टर कका उनटबैत-पुनटबैत बजलाह – ई सभ पढने माथा खराब भऽ जैतौह । हम - खट्टर कका, ई की कहैत छी ? एहि में एक सॅं एक आदर्श चरित्र भरल छथि जिनकर अनुकरण कैने परम पद प्राप्त भऽ जाय । खट्टर कका मुसकुराइत बजलाह - परम पद हो वा नहिं, किन्तु परम आपद धरि अवश्ये भऽ जाय ! हम - से कोना, खट्टर कका ? खट्टर कका ताखपर सॅं सोंटा-कुंडी उतारैत बजलाह – हौ, आइ जौं केओ माखन-चोर वृन्दावन-विहारी जकांँ चीर-हरण करैत् 'गोपी-पीन-पयोधर-मर्दन-चंचल करयुगशाली' क अनुकरण करय लागि जाथि त की गति हैतैन्ह ? जेल,अस्पताल वा पागलखाना ! हम - खट्टर कका, अवतार क त गप्प हो नहिं । ओहन लीला कि मनुष्य कऽ सकैत अछि ? परन्तु मानव चरित्र देखू । ख०- तोरा कोन मानव-चरित्र सभ सॅं बेसी आदर्श बूझि पड़ैत छौह ? हम – सत्यवादी दानवीर राजा हरिश्चन्द्र । खट्टर कका भांगक पुड़िया बाहर करैत बजलाह - आइ जौं हम हुनक अनुकरण करय लागि जाइ त लोक हरी में ठोकि देत । हम - से कोना ? ख० - मानि लैह, जे राति में स्वप्न देखल जे तोरा काकी कें कुशतिल गंगाजल लऽ संकल्प ...

Ad.

Ad.
Avnija Music - Maithili Music