अन्य भारतीय भाषा सब पर हिन्दी थोपनाय बंद करू | Liveabhinash
अन्य भारतीय भाषा सब पर हिन्दी थोपनाय बंद करू | Liveabhinash
Ankit Kumar Roy : भारत एकटा विविध देश अछि जेकर आपन एगो समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर छैक आरू ई विविधता देश भर म बोललऽ जाय वला भाषाक विस्तृत श्रृंखला म परिलक्षित होएत अछि | हिन्दी भारतक राजभाषा म स एकटा छैक मुदा अन्य क्षेत्रीय भाषा प एकरा थोपनाय बहुत साल स बहस आरू चर्चाक विषय रहलऽ छैक | हिन्दी थोपबाक मुद्दा तखन उठैत अछि जखन स्कूल, सरकारी कार्यालय, आ सार्वजनिक स्थान पर हिन्दी अनिवार्य कयल जाइत अछि, ओहो ओहि क्षेत्र मे जतय ई प्राथमिक भाषा नहि अछि | एकरा अन्य क्षेत्रीय भाषाक हशिया पर राखि भारत में हिन्दीक प्रबल भाषाक रूप म थोपबाक प्रयासक रूप मे देखल जा सकैत अछि |
हिन्दी थोपलाक पक्ष म एकटा मुख्य तर्क ई थिक जे ई राष्ट्रीय एकीकरण आरू एकताक बढ़ावा दै म मदद करी सकैत छैक | हिन्दीक समर्थक के तर्क छैन जे ई एगो साझा भाषा छैक जेकरऽ उपयोग अलग अलग क्षेत्रऽक बीच भाषाई विभाजनक दूर करै लेल आरू राष्ट्रीय पहचानक भाव पैदा करैम मदद करै लेल करलऽ जा सकैत छैक |
मुदा ई तर्क ई तथ्यक अनदेखी करैत छैक जे भारत एगो विविधतापूर्ण देश छैक जेकरा म समृद्ध भाषाई आरू सांस्कृतिक धरोहर छैक आरू हिन्दीक प्रबल भाषाक रूप म थोपनाई विविधता प हमलाक रूप म देखलऽ जा सकैत छैक | भारत मे 22 टा राजभाषा अछि, आ एहि मे सँ प्रत्येक भाषाक अपन विशिष्ट साहित्य, संस्कृति, आ इतिहास अछि । हिन्दीक थोपला स एहि क्षेत्रीय भाषा सबक दमन भ सकैत अछि आ भारत मे सांस्कृतिक विविधताक क्षरण भ सकैत अछि |
एकरऽ अलावा हिन्दीक थोपनाय सेहो ऐन्हऽ लोगऽक भाषाई अधिकारऽ प हमलाक रूप म देखलऽ जा सकैत छैक जे हिन्दीक अपनऽ प्राथमिक भाषाक रूप म नै बजैत अछि | भारतक भाषाई आरू सांस्कृतिक विविधताक समृद्ध इतिहास छैक आरू हिन्दीक थोपनाई विविधताक कमजोर करी क एगो सजातीय राष्ट्रीय पहचान थोपैक कोशिशक रूप म देखलऽ जा सकैत छैक | ई बातक पहचानना जरूरी अछि जे भारतक भाषाई आरू सांस्कृतिक विविधता एकरऽ सबसें बड़ऽ ताकत म स एकटा अछि | देशक समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर देश भर म बोललऽ जाय वला अनेक भाषा म परिलक्षित भ सकैत अछि, आरू ई विविधताक बढ़ावा दै आरू संरक्षित करनाय बड्ड जरुरी छैक |


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