दोस्ती \ Friendship Day Special \ Liveankit
नमस्कार दोस्तों, आज हमने यहां पर सच्ची दोस्ती पर कहानी (Heart Touching Story in Hindi) की शेयर की हैं। इन friendship story in hindi में आपको जीवन में एक दोस्त की क्या कीमत होती है बहुत अच्छे से पता चल पायेगा।
दोस्ती दिल का रिश्ता होता हैं, जो हमें कभी अकेला महसूस नहीं होने देता है और ये रिश्ता हमें एक अलग दुनिया में जीने की प्रेरणा देता है। दोस्ती दो या दो से अधिक लोगों के बीच में होने वाला ऐसा रिश्ता हैं जो हमेशा ही दिल से निभाया जाता है। हमें एक हँसते जीवन के लिए दोस्ती बहुत ही जरूर हैं। आज हम यहां पर आपको दोस्ती की कीमत एक व्यक्ति के जीवन में क्या होती है Short Story About Friendship With Moral in Hindi के माध्यम से बतायेंगे।
बचपन की दोस्ती (True Friendship Story in Hindi)
रमेश और सुरेश बचपन से साथ में ही बड़े हुए। इन्होंने अपने सभी काम साथ में रहकर किये। साथ में ही स्कूल गये, एक क्लास में पढ़े, एक साथ ही कॉलेज जाते। इतना करते हुए उनकी पढाई पूरी हो गई और उनकी नौकरी करने का समय आ गया।
फिर दोनों ने आर्मी में जाने का निर्णय लिया और आर्मी के लिए आवेदन किया। दोनों का आर्मी में नम्बर लग गया और उनको ज्वाइन करने के लिए कहा गया। उन्होंने ज्वाइन किया तब भी उनको एक ही ग्रुप मिला और दोनों ने आर्मी की नौकरी करना शुरू हो गये।
एक बार वहां पर युद्ध का माहौल बन गया और युद्ध होना शुरू हो गया। रात का समय था चारों दिशाओं से गोलियों की बारिश हो रही थी। इस युद्ध में रमेश और सुरेश भी शामिल थे।
तभी काली रात में एक तरफ से जोर-जोर से आवाज आने लगी। रमेश कहां हो, मेरी मदद करो, मैं मुश्किल में हूं, मुझे मदद की जरूरत है? रमेश ने तुरंत ही सुरेश की आवाज को पहचान लिया और उसने रमेश की मदद करने की सोची। उसने अपने कैप्टन से सुरेश की मदद करने जाने के लिए इजाजत मांगी।
कैप्टन ने तुरंत मना कर दिया कि तुम वहां नहीं जाओगे। हमारी सेना के पहले ही काफी सैनिक मारे जा चुके हैं और मैं और सैनिकों को कम होने नहीं दूंगा। इतना सुनने के बाद रमेश शांत बैठ गया। फिर वहीं सुरेश की आवाजे सुनाई देती और रमेश अपने कैप्टन से इजाजत मांगता और इजाजत नहीं दी जाती। फिर अंत में रमेश ने कैप्टन से कहा कि सुरेश मेरा बचपन का दोस्त है और हम दोनों साथ में खेले है और साथ में ही बड़े हुए है। आज उसको मेरी जरूरत है और मैं यहां पर शांति से बैठा हूं। मुझे जाने दो। मुझे उसके पास जाना है और उसे बचाना है।
कैप्टन ने इतना सुनने के बाद रमेश को सुरेश के पास जाने की इजाजत दे दी। फिर रमेश उन गोलियों की बारिश में अपनी जान की चिंता किये बिना ही सुरेश के पास पहुंच गया और फिर वहां से सुरेश को घसीट कर सुरक्षित स्थान पर ले आया। वहां पर सभी सैनिक और कैप्टन मौजूद थे। जब वहां पर रमेश सुरेश को लेकर पहुंचा तो सुरेश की जान निकल चुकी थी। (Heart Touching Story)
फिर कैप्टन ने रमेश को जोर से चिल्लाते हुए कहा मैंने मना किया था ना कि वो मर चुका है। वहां पर जाकर अपनी जान जोखिम में मत डालो। तभी रमेश ने कहा जब मैं सुरेश के पास पहुंच तो वो जिन्दा था और मेरा ही इंतजार कर रहा था। सुरेश ने मुझे ये भी कहा कि मुझे पूरा भरोसा और विश्वास था कि तुम जरूर मुझे बचाने आओगे और तुम आ गये।
इस Heart Touching Story को पढ़कर आपको ये तो महसूस हो ही गया होगा कि रिश्ते कितनी मुश्किल से बनते है और एक बार बन जाए तो उसे किसी भी हालत में निभाना चाहिए चाहे उसके लिए अपनी जान ही क्यों नहीं देनी पड़े।
source: thesimplehelp
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